Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2026: ₹31,500 प्रति हेक्टेयर सहायता, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया

भारत में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें उत्पादन से लेकर प्रमाणीकरण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग तथा मार्केटिंग तक सहायता उपलब्ध कराना है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2026 से जुड़ी जानकारी में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इसकी वित्तीय सहायता को लेकर है। पुराने लेखों में अक्सर ₹50,000 प्रति हेक्टेयर सहायता बताई जाती है, लेकिन वर्तमान सरकारी जानकारी के अनुसार PKVY के तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए दी जाती है। इसमें से ₹15,000 प्रति हेक्टेयर किसानों को DBT के माध्यम से जैविक inputs के लिए दिया जाता है।

इस लेख में हम PKVY 2026, इसके लाभ, आर्थिक सहायता, पात्रता, जैविक खेती के लिए क्लस्टर व्यवस्था, प्रमाणीकरण और आवेदन प्रक्रिया को आसान भाषा में समझेंगे।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) केंद्र सरकार की जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली योजना है, जिसे वर्ष 2015-16 से लागू किया जा रहा है।

वर्तमान में PKVY Pradhan Mantri-Rashtriya Krishi Vikas Yojana (PM-RKVY) का एक component है। योजना का उद्देश्य किसानों को क्लस्टर आधारित तरीके से जैविक खेती अपनाने में सहायता देना है। इसके अंतर्गत केवल खेत में जैविक inputs उपलब्ध कराने पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि production से processing, certification और marketing तक end-to-end support देने का प्रयास किया जाता है।

सरकार की प्राथमिकता विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को जैविक खेती के clusters से जोड़ने और उनके लिए supply chain विकसित करने की है।

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2026 का Latest Update

2026 में PKVY के बारे में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी इसकी वर्तमान वित्तीय सहायता और कवरेज से संबंधित है।

4 अगस्त 2026 को जारी सरकारी जानकारी के अनुसार:

  • PKVY के तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर सहायता 3 वर्षों के लिए दी जाती है।
  • इसमें ₹15,000 प्रति हेक्टेयर किसानों को DBT के माध्यम से on-farm और off-farm organic inputs के लिए दिया जाता है।
  • योजना का implementation राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किया जाता है।
  • योजना में production से लेकर processing, certification और marketing तक सहायता का प्रावधान है।
  • छोटे और सीमांत किसानों को clusters में शामिल करने पर प्राथमिकता दी जाती है।

30 जून 2026 तक PKVY की उपलब्धियां

सरकार के अनुसार, PKVY के शुरू होने से 30 जून 2026 तक:

विवरणउपलब्धि
जैविक खेती के अंतर्गत क्षेत्र18.93 लाख हेक्टेयर
लाभान्वित किसान33.63 लाख
जारी केंद्रीय हिस्सा₹2,811.36 करोड़

ये आंकड़े योजना की शुरुआत से 30 जून 2026 तक के हैं।

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Paramparagat Krishi Vikas Yojana के उद्देश्य

Paramparagat Krishi Vikas Yojana का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक टिकाऊ और जैविक कृषि पद्धतियों की ओर प्रोत्साहित करना है।

इसके प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • जैविक खेती को बढ़ावा देना।
  • रासायनिक inputs पर निर्भरता कम करना।
  • मिट्टी के स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना।
  • किसानों को जैविक inputs के लिए सहायता देना।
  • जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना।
  • किसानों को processing और marketing से जोड़ना।
  • जैविक उत्पादों के लिए बेहतर supply chain विकसित करना।
  • किसान समूहों और collectives को मजबूत करना।
  • जैविक उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार क्षमता में सुधार करना।

सरकारी जानकारी के अनुसार, PKVY का उद्देश्य eco-friendly farming को बढ़ावा देना है, जिससे soil health और natural resources का संरक्षण हो तथा किसानों की लागत और आय से जुड़े अवसरों में सुधार हो सके।

PKVY के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?

यह आपके पुराने article का सबसे महत्वपूर्ण 2026 update है।

पुराने PKVY articles में ₹50,000 प्रति हेक्टेयर सहायता का उल्लेख मिलता है, लेकिन वर्तमान योजना के अनुसार ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए उपलब्ध है।

इस सहायता का broad structure इस प्रकार है:

सहायता का क्षेत्रसहायता
Organic inputs – on-farm/off-farm₹15,000/हेक्टेयर
Marketing, packaging, branding, value addition आदि₹4,500/हेक्टेयर
Certification और residue analysis₹3,000/हेक्टेयर
अन्य scheme-supported activitiesशेष सहायता
कुल सहायता₹31,500/हेक्टेयर / 3 वर्ष

इनमें से ₹15,000 प्रति हेक्टेयर की राशि किसानों को DBT के माध्यम से organic inputs के लिए दी जाती है।

क्या हर किसान को ₹31,500 नकद मिलते हैं?

नहीं।

यह समझना बहुत जरूरी है कि ₹31,500 को हर किसान के बैंक खाते में एकमुश्त cash payment के रूप में नहीं दिया जाता। यह योजना के विभिन्न approved activities के लिए निर्धारित सहायता है।

विशेष रूप से ₹15,000/हेक्टेयर DBT किसानों को organic inputs के लिए दिया जाता है। बाकी सहायता certification, marketing, packaging, branding, value addition जैसी गतिविधियों में इस्तेमाल की जाती है।

PKVY के प्रमुख लाभ

1. जैविक inputs के लिए DBT सहायता

पात्र किसानों को organic inputs के लिए ₹15,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता DBT के माध्यम से दी जाती है।

2. जैविक प्रमाणीकरण

योजना के तहत organic farming clusters के certification और residue analysis के लिए भी सहायता दी जाती है।

इससे किसानों को अपने उत्पादों की organic identity स्थापित करने में मदद मिलती है।

3. Marketing और Branding

सिर्फ जैविक उत्पादन करना ही पर्याप्त नहीं है। किसान अपने उत्पादों को बाजार तक बेहतर तरीके से पहुंचा सकें, इसके लिए marketing, packaging, branding और value addition जैसी गतिविधियों को भी सहायता मिलती है।

4. Training और Capacity Building

किसानों को जैविक खेती की तकनीकों, organic inputs और बेहतर farming practices के बारे में प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण का समर्थन दिया जाता है।

5. Cluster-Based Farming

PKVY में individual farmer की बजाय farmer groups और organic clusters को महत्वपूर्ण भूमिका दी जाती है।

इससे किसानों को input procurement, certification, marketing और supply chain बनाने में सामूहिक लाभ मिल सकता है।

6. मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों पर ध्यान

जैविक खेती में compost, biofertilizers और organic matter जैसी चीजों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है। इससे sustainable soil fertility management को समर्थन मिलता है।

PKVY में Organic Farming कैसे की जाती है?

PKVY का implementation cluster approach पर आधारित है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, PKVY के तहत organic farming clusters में किसान समूहों को संगठित किया जाता है। हालिया सरकारी जानकारी में clusters के लिए लगभग 500–1,000 हेक्टेयर का contiguous area और लगभग 500 किसानों की संरचना का उल्लेख किया गया है।

इसका उद्देश्य किसी एक किसान को अलग-अलग सहायता देने के बजाय एक पूरे क्षेत्र में organic farming ecosystem विकसित करना है।

इसमें broadly शामिल हो सकते हैं:

  • Organic inputs
  • Farmer training
  • Certification
  • Residue analysis
  • Packaging
  • Branding
  • Marketing
  • Value addition
  • Supply chain development

PKVY के तहत कौन लाभ ले सकता है?

PKVY राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से लागू की जाती है और organic farming clusters पर केंद्रित है।

इसमें विशेष रूप से:

  • छोटे किसान
  • सीमांत किसान
  • अन्य पात्र किसान
  • किसान समूह
  • Farmer Collectives

को organic clusters से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।

हालांकि, हर किसान सीधे व्यक्तिगत रूप से ₹31,500 के लिए आवेदन कर सकता है, ऐसा मानना सही नहीं है। लाभ और participation संबंधित राज्य में बनाए गए organic cluster तथा लागू guidelines के अनुसार होता है।

North East के किसानों के लिए कौन-सी योजना है?

यह भी एक महत्वपूर्ण जानकारी है।

PKVY सभी States/UTs में लागू है, लेकिन North Eastern States के लिए अलग scheme – Mission Organic Value Chain Development for North Eastern Region (MOVCDNER) लागू की जाती है।

इसलिए North-East के किसानों को PKVY और MOVCDNER को एक ही योजना नहीं समझना चाहिए।

MOVCDNER में organic production के साथ value chain, FPO formation और market linkage पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

PKVY के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवश्यक documents राज्य और implementation process के अनुसार अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर किसान से निम्न जानकारी मांगी जा सकती है:

  • आधार कार्ड
  • किसान की पहचान संबंधी जानकारी
  • बैंक खाता विवरण
  • मोबाइल नंबर
  • भूमि/खेती से संबंधित जानकारी
  • किसान समूह या cluster से संबंधित जानकारी
  • अन्य documents जो संबंधित राज्य विभाग मांगे

ध्यान दें: केवल आधार कार्ड और जमीन के कागज होने से PKVY का लाभ स्वतः नहीं मिलता। पहले यह देखना जरूरी है कि आपके क्षेत्र में PKVY organic cluster और संबंधित enrollment process उपलब्ध है या नहीं।

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Paramparagat Krishi Vikas Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?

PKVY की implementation State/UT Governments के माध्यम से होती है। इसलिए पूरे देश के लिए एक ही सरल individual online application process बताना सही नहीं होगा।

Step 1: अपने राज्य के कृषि विभाग से संपर्क करें

सबसे पहले अपने जिले के Agriculture Department या संबंधित organic farming authority से PKVY की वर्तमान स्थिति पूछें।

Step 2: Organic Cluster की जानकारी लें

पता करें कि आपके गांव या आसपास के क्षेत्र में कोई PKVY organic cluster चल रहा है या नहीं।

Step 3: Cluster/Farmer Group से जुड़ें

यदि आपके क्षेत्र में approved cluster है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसमें शामिल होने की जानकारी लें।

Step 4: आवश्यक documents जमा करें

राज्य/implementing agency द्वारा मांगे गए documents और किसान संबंधी जानकारी जमा करें।

Step 5: Training और Organic Practices अपनाएं

Cluster के अंतर्गत किसानों को निर्धारित organic farming practices और training का पालन करना होता है।

Step 6: DBT और अन्य सहायता

पात्रता तथा implementation rules के अनुसार organic inputs की DBT और अन्य scheme-supported activities का लाभ दिया जाता है।

क्या PKVY में Online Apply कर सकते हैं?

इसका जवाब राज्य और implementation system पर निर्भर करता है।

PKVY का implementation States/UTs के माध्यम से होता है। इसलिए किसी एक universal website पर जाकर सभी किसानों के लिए समान application process उपलब्ध होना जरूरी नहीं है।

ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है या नहीं, यह जानने के लिए:

  1. अपने राज्य के Agriculture Department की official website देखें।
  2. जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
  3. नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से जानकारी लें।
  4. अपने क्षेत्र के PKVY organic cluster के बारे में पता करें।

किसी private website या agent को केवल scheme application के नाम पर पैसे देने से पहले उसकी सरकारी मान्यता अवश्य जांचें।

Official Portal: Paramparagat Krishi Vikas Yojana

PKVY और MOVCDNER में अंतर

आधारPKVYMOVCDNER
मुख्य क्षेत्रStates/UTsNorth Eastern Region
उद्देश्यOrganic farming promotionOrganic value chain development
तरीकाCluster-based approachValue-chain/FPO approach
सहायता₹31,500/हेक्टेयर/3 वर्ष₹46,500/हेक्टेयर/3 वर्ष
Farmer DBT organic inputs₹15,000/हेक्टेयर₹15,000/हेक्टेयर सहित broader organic-input support
ImplementationState/UT GovernmentsNorth Eastern States

MOVCDNER के लिए सरकारी जानकारी के अनुसार ₹46,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए है, जिसमें FPO creation और organic inputs सहित विभिन्न activities शामिल हैं।

PKVY के तहत कौन-कौन सी गतिविधियों को समर्थन मिलता है?

वर्तमान scheme structure में organic farming को केवल खेत में उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है।

समर्थन का उद्देश्य पूरी value chain विकसित करना है, जिसमें:

  • Organic input management
  • On-farm organic inputs
  • Off-farm organic inputs
  • Certification
  • Residue analysis
  • Processing
  • Packaging
  • Branding
  • Marketing
  • Value addition
  • Training
  • Capacity building

जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

PKVY 2026 में किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

आज किसानों के सामने soil health, input costs, water management और sustainable production जैसी कई चुनौतियां हैं।

PKVY का cluster-based approach किसानों को केवल organic inputs उपलब्ध कराने के बजाय production से market तक एक complete ecosystem बनाने पर जोर देता है।

इससे:

  • किसान organic farming practices सीख सकते हैं।
  • Organic inputs की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
  • Certification की प्रक्रिया में सहायता मिल सकती है।
  • Packaging और branding में support मिल सकता है।
  • Market linkage विकसित करने में मदद मिल सकती है।
  • Farmer groups के माध्यम से collective marketing की संभावना बढ़ती है।

हालांकि, जैविक खेती से हर किसान की आय निश्चित रूप से बढ़ेगी या लागत निश्चित प्रतिशत कम होगी, ऐसा दावा बिना स्थानीय डेटा के नहीं किया जा सकता।

PKVY और National Mission on Natural Farming में अंतर

2026 में organic और chemical-free farming से जुड़े कई सरकारी programs चल रहे हैं। इनमें National Mission on Natural Farming (NMNF) भी शामिल है, जिसे 25 नवंबर 2024 को शुरू किया गया था।

NMNF का focus natural farming, chemical-free practices, livestock integration, diversified cropping systems और traditional agricultural knowledge पर है।

इसलिए PKVY और NMNF को एक ही योजना नहीं समझना चाहिए।

PKVY 2026: Important Facts at a Glance

जानकारीविवरण
योजना का नामParamparagat Krishi Vikas Yojana
Short FormPKVY
शुरुआत2015-16
वर्तमान frameworkPM-RKVY का component
मुख्य उद्देश्यOrganic farming को बढ़ावा देना
तरीकाCluster-based organic farming
सहायता₹31,500/हेक्टेयर/3 वर्ष
Farmer DBT₹15,000/हेक्टेयर
Certification support₹3,000/हेक्टेयर
Marketing/branding आदि₹4,500/हेक्टेयर
ImplementationStates/UT Governments
North-EastMOVCDNER

Frequently Asked Questions (FAQs)

Paramparagat Krishi Vikas Yojana क्या है?

यह केंद्र सरकार की organic farming promotion scheme है, जो किसानों को cluster-based organic farming के लिए financial, certification, training और marketing-related support प्रदान करती है।

PKVY में कितनी सहायता मिलती है?

वर्तमान सरकारी जानकारी के अनुसार ₹31,500 प्रति हेक्टेयर 3 वर्षों के लिए सहायता दी जाती है। इसमें ₹15,000 प्रति हेक्टेयर organic inputs के लिए किसानों को DBT के माध्यम से दिया जाता है।

क्या PKVY में ₹50,000 प्रति हेक्टेयर मिलते हैं?

नहीं, यह वर्तमान आंकड़ा नहीं है। ₹50,000 वाला आंकड़ा पुराने PKVY structure से संबंधित है। वर्तमान सरकारी जानकारी में ₹31,500 प्रति हेक्टेयर/3 वर्ष की सहायता बताई गई है।

क्या ₹31,500 सीधे किसान के खाते में आते हैं?

नहीं। पूरी ₹31,500 राशि को direct cash payment नहीं समझना चाहिए। इसमें अलग-अलग scheme activities के लिए सहायता शामिल है। ₹15,000 प्रति हेक्टेयर organic inputs के लिए DBT के माध्यम से किसानों को दिया जाता है।

क्या छोटे किसान PKVY का लाभ ले सकते हैं?

हां, PKVY में छोटे और सीमांत किसानों को organic clusters में शामिल करने पर प्राथमिकता दी जाती है।

क्या North-East के किसान PKVY के तहत लाभ लेते हैं?

North Eastern States के लिए मुख्य organic farming scheme MOVCDNER है, जबकि PKVY अन्य States/UTs में लागू है।

PKVY में आवेदन कैसे करें?

PKVY का implementation State/UT Governments के माध्यम से होता है। किसान को अपने राज्य के Agriculture Department या संबंधित implementing agency से अपने क्षेत्र में चल रहे organic cluster और enrollment process की जानकारी लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

Paramparagat Krishi Vikas Yojana 2026 (PKVY) भारत में organic farming को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को केवल जैविक inputs उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि production से certification, processing, packaging, branding और marketing तक end-to-end support देना है।

2026 में इस योजना के बारे में सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि पुरानी ₹50,000 प्रति हेक्टेयर वाली जानकारी को अपडेट किया जाना चाहिए। वर्तमान सरकारी जानकारी के अनुसार PKVY के तहत ₹31,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता 3 वर्षों के लिए दी जाती है, जिसमें ₹15,000 प्रति हेक्टेयर organic inputs के लिए किसानों को DBT के माध्यम से दिया जाता है।

30 जून 2026 तक PKVY के अंतर्गत 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया जा चुका था, 33.63 लाख किसानों को लाभ मिला था और ₹2,811.36 करोड़ का केंद्रीय हिस्सा जारी किया गया था।

यदि आप जैविक खेती शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने राज्य के कृषि विभाग या संबंधित PKVY organic cluster से संपर्क करें। आवेदन, cluster enrollment और सहायता की वास्तविक प्रक्रिया राज्य और लागू guidelines के अनुसार हो सकती है।

Important: PKVY से जुड़ी राशि, eligibility या application के बारे में पुराने articles में दी गई जानकारी पर निर्भर न रहें। आवेदन करने से पहले अपने राज्य की वर्तमान सरकारी guidelines जरूर जांचें।

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