भारत में खेती का बड़ा हिस्सा सिंचाई और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अनियमित बारिश, भूजल स्तर में गिरावट और सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण कई किसानों को खेती में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY) शुरू की।
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इस योजना का उद्देश्य सिंचाई की पहुंच बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना, अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाना और खेती में पानी के कुशल उपयोग को प्रोत्साहित करना है।
PMKSY 2026 से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी सभी गतिविधियां केवल किसान को सीधे सब्सिडी देने तक सीमित नहीं हैं। योजना के अलग-अलग components के माध्यम से बड़े और मध्यम सिंचाई प्रोजेक्ट, छोटी सिंचाई योजनाएं, command area development, watershed development और जल प्रबंधन से जुड़े काम किए जाते हैं।
अगर आप Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana 2026, PMKSY subsidy, drip irrigation subsidy, sprinkler subsidy, eligibility या online apply के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो इस लेख में योजना की पूरी और अपडेटेड जानकारी दी गई है।
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana क्या है?
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana (PMKSY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख सिंचाई और जल प्रबंधन योजना है। इसे 2015-16 में शुरू किया गया था।
योजना का व्यापक उद्देश्य खेतों तक सिंचाई की पहुंच बढ़ाना, assured irrigation के तहत क्षेत्र का विस्तार करना, खेत स्तर पर water-use efficiency सुधारना और sustainable water conservation को बढ़ावा देना है।
PMKSY के तहत अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के माध्यम से सिंचाई infrastructure, watershed development और water management से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
PMKSY 2026 का Latest Update
2026 में सरकार ने PMKSY के पिछले दशक के प्रदर्शन और उपलब्धियों की जानकारी जारी की है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 से PMKSY के तहत 2.7 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है और 24.61 मिलियन हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता बनाई या बहाल की गई है। इस अवधि में PMKSY के तहत ₹64,407 करोड़ से अधिक की केंद्रीय सहायता दी गई।
इसके अलावा, Union Budget 2026-27 में PMKSY के लिए ₹6,587 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसका उद्देश्य सिंचाई विस्तार, पानी के बेहतर उपयोग और sustainable water management को बढ़ावा देना है।
PMKSY की वर्तमान अवधि को लेकर जरूरी जानकारी
सरकार ने PMKSY को 2021-26 के लिए ₹93,068.56 करोड़ के कुल outlay के साथ जारी रखने की मंजूरी दी थी। 2026 के सरकारी अपडेट में इसी अवधि और 2026-27 के बजटीय आवंटन का उल्लेख किया गया है।
इसलिए इंटरनेट पर मौजूद पुराने या अपुष्ट लेखों में दिए गए किसी अलग scheme period या subsidy amount को बिना आधिकारिक पुष्टि के सही नहीं मानना चाहिए।
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PMKSY के मुख्य उद्देश्य
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- कृषि क्षेत्र में सिंचाई की पहुंच बढ़ाना।
- assured irrigation के तहत अधिक कृषि क्षेत्र लाना।
- पानी के उपयोग की दक्षता बढ़ाना।
- सिंचाई infrastructure को मजबूत करना।
- जल संरक्षण और sustainable water management को बढ़ावा देना।
- वर्षा आधारित और कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की क्षमता बढ़ाना।
- अधूरी प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में सहायता करना।
- watershed development के माध्यम से rainfed और degraded land की productivity बढ़ाना।
- आधुनिक सिंचाई और water management technologies को बढ़ावा देना।
PMKSY के प्रमुख Components
PMKSY को केवल एक प्रकार की किसान सब्सिडी योजना समझना सही नहीं है। इसके अलग-अलग components अलग उद्देश्यों के लिए काम करते हैं।
1. Accelerated Irrigation Benefits Programme (AIBP)
AIBP का मुख्य उद्देश्य प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना है।
इसके तहत ongoing irrigation projects को पूरा करने और irrigation potential को विकसित करने पर ध्यान दिया जाता है। AIBP के माध्यम से बड़े स्तर पर सिंचाई infrastructure तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2016-17 से AIBP को ₹21,023 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिली है और इससे 1.73 करोड़ किसानों को लाभ हुआ है।
2. Har Khet Ko Pani (HKKP)
Har Khet Ko Pani का उद्देश्य कृषि भूमि तक सिंचाई की उपलब्धता बढ़ाना है।
इसके अंतर्गत surface minor irrigation, repair-renovation-restoration और groundwater interventions जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, PMKSY के तहत 3,462 Surface Minor Irrigation (SMI) और Repair, Renovation & Restoration (RRR) schemes पूरी की जा चुकी हैं, जिनसे लगभग 5.93 लाख हेक्टेयर irrigation potential बनाया गया। Groundwater interventions से लगभग 88.55 हजार हेक्टेयर irrigation coverage जुड़ी है।
3. Watershed Development
Watershed Development का उद्देश्य rainfed और degraded areas की productive capacity बढ़ाना तथा प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।
इसके तहत:
- वर्षा जल संरक्षण
- runoff management
- soil और moisture conservation
- groundwater recharge
- watershed-based development
जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया जाता है।
2016-17 से watershed development को ₹12,432.09 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिली है और इससे लगभग 13.4 लाख किसानों को लाभ हुआ है।
4. Modernization of Command Area Development and Water Management (M-CADWM)
PMKSY में एक महत्वपूर्ण नया development M-CADWM है।
सरकार ने 9 अप्रैल 2025 को इसके pilot projects को PMKSY-AIBP के sub-scheme के रूप में मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य pressurized piped irrigation network और micro-irrigation के माध्यम से irrigation water का अधिक कुशल distribution और उपयोग करना है।
इसमें SCADA और IoT जैसी technologies के इस्तेमाल से water accounting और water management को बेहतर बनाने की भी योजना है। कुल 32 clusters को 23 States/UTs में शामिल करने की मंजूरी दी गई है। M-CADWM का कुल approved outlay ₹1,600 करोड़ है, जिसमें Central Share ₹1,100 करोड़ और State Share ₹500 करोड़ है। FY 2026-27 के लिए इसका Budget Estimate ₹550 करोड़ बताया गया है।
Per Drop More Crop क्या PMKSY का हिस्सा है?
यह एक बहुत महत्वपूर्ण 2026 update है।
कई पुराने articles में Per Drop More Crop (PDMC) को PMKSY का current component बताया जाता है। यह जानकारी अब अपडेट करने की जरूरत है।
PDMC वर्ष 2015-16 से 2021-22 तक PMKSY का हिस्सा था। वर्ष 2022-23 से PDMC को Pradhan Mantri Rashtriya Krishi Vikas Yojana (PM-RKVY) में शामिल किया गया है।
PDMC के अंतर्गत मुख्य रूप से Drip और Sprinkler irrigation जैसी micro-irrigation technologies को बढ़ावा दिया जाता है।
इसलिए यदि कोई किसान drip irrigation या sprinkler subsidy की जानकारी खोज रहा है, तो उसे वर्तमान में PM-RKVY/PDMC के लागू राज्य-स्तरीय नियमों को भी देखना चाहिए।
PMKSY के लाभ
PMKSY का लाभ केवल खेत में पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इसके विभिन्न components के कारण किसानों और कृषि क्षेत्र को कई स्तरों पर फायदा मिलता है।
सिंचाई की उपलब्धता में सुधार
जहां सिंचाई infrastructure विकसित किया जाता है, वहां किसानों को assured irrigation का बेहतर अवसर मिल सकता है।
पानी का बेहतर उपयोग
Modern irrigation और water management systems के कारण उपलब्ध पानी का अधिक कुशल उपयोग किया जा सकता है।
खेती की उत्पादकता में मदद
सिंचाई की बेहतर उपलब्धता फसल उत्पादन को स्थिर और बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, हालांकि वास्तविक परिणाम फसल, मिट्टी, मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सहायता
Water harvesting, watershed development और irrigation infrastructure से rainfed क्षेत्रों की water security मजबूत करने में मदद मिलती है।
भूजल और वर्षा जल प्रबंधन
योजना के कुछ interventions groundwater recharge और rainwater management को बढ़ावा देते हैं।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
M-CADWM जैसे नए interventions में pressurized pipelines, micro-irrigation, SCADA और IoT जैसी technologies को शामिल किया जा रहा है।
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क्या PMKSY में किसानों को सीधे सब्सिडी मिलती है?
यह समझना जरूरी है कि PMKSY एक single direct-subsidy scheme नहीं है।
योजना के अलग-अलग components की funding और implementation अलग तरीके से होती है। कई irrigation projects सरकार और राज्य agencies के माध्यम से लागू होते हैं।
Micro-irrigation के लिए पुराने PMKSY-PDMC guidelines में financial assistance का pattern small and marginal farmers के लिए 55% और other farmers के लिए 45% था। लेकिन PDMC को 2022-23 से PM-RKVY में स्थानांतरित किया जा चुका है। इसलिए 2026 में किसान को वर्तमान micro-irrigation assistance के लिए अपने राज्य के लागू PM-RKVY/PDMC guidelines की जांच करनी चाहिए।
इसलिए “PMKSY में सभी किसानों को 55% या 45% subsidy मिलती है” कहना वर्तमान स्थिति में सही नहीं होगा।
PMKSY के लिए कौन पात्र है?
PMKSY की पात्रता एक समान नहीं है, क्योंकि योजना के अलग-अलग components और projects के लाभार्थी अलग हो सकते हैं।
कुछ components में लाभ:
- किसान
- छोटे और सीमांत किसान
- सिंचाई से जुड़े किसान समूह
- ग्रामीण समुदाय
- जल उपयोगकर्ता समूह
- राज्य सरकार/सरकारी agencies
- स्थानीय संस्थाएं
- watershed क्षेत्र से जुड़े लाभार्थी
तक पहुंच सकता है।
लेकिन किसी विशेष subsidy या project assistance के लिए eligibility संबंधित component और राज्य की guidelines पर निर्भर करती है।
इसलिए केवल “मैं किसान हूं, इसलिए PMKSY की हर subsidy के लिए eligible हूं” मान लेना सही नहीं है।
PMKSY के लिए जरूरी दस्तावेज
किसी specific component में आवेदन करते समय दस्तावेज अलग हो सकते हैं। सामान्य रूप से निम्न जानकारी/दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:
- आधार कार्ड
- पहचान प्रमाण
- बैंक खाता विवरण
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- किसान पंजीकरण/किसान ID, जहां लागू हो
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- सिंचाई उपकरण या परियोजना से संबंधित दस्तावेज
- समूह/संस्था के registration documents, जहां लागू हों
- अन्य documents जो संबंधित राज्य विभाग मांगे
ध्यान दें: दस्तावेजों की अंतिम सूची आपके राज्य और चुनी गई activity के अनुसार बदल सकती है।
PMKSY 2026 के लिए आवेदन कैसे करें?
PMKSY के सभी components के लिए एक ही centralized farmer application form नहीं है। आवेदन प्रक्रिया component और राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
Step 1: अपनी जरूरत और component पहचानें
पहले यह पता करें कि आपको:
- micro-irrigation
- minor irrigation
- watershed support
- irrigation project
- water conservation
- या किसी अन्य PMKSY-related activity
के लिए सहायता चाहिए।
Step 2: संबंधित विभाग से संपर्क करें
अपने राज्य के Agriculture Department, Horticulture Department, Water Resources/Irrigation Department या संबंधित implementing agency से संपर्क करें।
Step 3: वर्तमान guidelines और application window देखें
पूछें कि आपके जिले में संबंधित component के लिए आवेदन कब खुले हैं और कौन-कौन से documents आवश्यक हैं।
Step 4: आवेदन जमा करें
यदि आपके राज्य में online application उपलब्ध है, तो संबंधित official state portal के माध्यम से आवेदन करें। जहां offline प्रक्रिया लागू है, वहां संबंधित विभाग/कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा।
Step 5: सत्यापन और स्वीकृति
दस्तावेजों और project/activity की जांच के बाद संबंधित विभाग लागू नियमों के अनुसार आवेदन पर निर्णय लेता है।
क्या PMKSY के लिए Online Apply कर सकते हैं?
कुछ components और राज्यों में online application की सुविधा उपलब्ध हो सकती है, लेकिन PMKSY के लिए पूरे देश में एक ही किसान application process नहीं है।
इसलिए किसी अनजान website या private agent के माध्यम से आवेदन करने के बजाय संबंधित State Agriculture/Water Resources Department की official website या सरकारी कार्यालय से वर्तमान प्रक्रिया की पुष्टि करें।
Official Portal: https://pmksy.mowr.gov.in/
PMKSY की 2026 उपलब्धियां
सरकार द्वारा जून 2026 में जारी आंकड़ों के अनुसार:
| उपलब्धि | आंकड़ा |
|---|---|
| PMKSY से लाभान्वित किसान, 2016-17 से | 2.7 करोड़ से अधिक |
| बनाई/बहाल की गई irrigation potential | 24.61 मिलियन हेक्टेयर |
| केंद्रीय सहायता | ₹64,407 करोड़ से अधिक |
| PDMC के तहत micro-irrigation coverage | 110.92 लाख हेक्टेयर |
| AIBP से लाभान्वित किसान | 1.73 करोड़ |
| HKKP SMI/RRR से irrigation potential | 5.93 लाख हेक्टेयर |
| Watershed Development से लाभान्वित किसान | लगभग 13.4 लाख |
ये आंकड़े सरकार द्वारा जारी PMKSY के दशक भर के performance update पर आधारित हैं।
PMKSY 2026 में किसानों के लिए क्या नया है?
2026 में PMKSY से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण developments में M-CADWM शामिल है।
इसके माध्यम से irrigation water को pressurized piped network के जरिए खेतों तक अधिक कुशलता से पहुंचाने और micro-irrigation के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। SCADA और IoT जैसी technologies के इस्तेमाल से water distribution और accounting को बेहतर बनाने का लक्ष्य है।
दूसरी ओर, PDMC को PMKSY का current component समझने की पुरानी जानकारी अब अपडेट हो चुकी है, क्योंकि यह 2022-23 से PM-RKVY के अंतर्गत है।
PMKSY और PM-Kisan SAMPADA Yojana में अंतर
एक जरूरी बात: PMKSY और Pradhan Mantri Kisan SAMPADA Yojana एक ही योजना नहीं हैं।
PMKSY – Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana का संबंध मुख्य रूप से irrigation, water management और watershed development से है।
वहीं Pradhan Mantri Kisan SAMPADA Yojana Ministry of Food Processing Industries की अलग Central Sector umbrella scheme है, जिसका संबंध food processing और post-harvest infrastructure से है।
इसलिए इन दोनों योजनाओं को article में आपस में confuse नहीं करना चाहिए।
PMKSY से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल
PMKSY का पूरा नाम क्या है?
PMKSY का पूरा नाम Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana यानी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना है।
PMKSY कब शुरू हुई थी?
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana को 2015-16 में शुरू किया गया था।
PMKSY का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई की पहुंच बढ़ाना, assured irrigation का विस्तार करना, पानी के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना और sustainable water management को मजबूत करना है।
क्या PMKSY में drip irrigation subsidy मिलती है?
Drip और sprinkler जैसी micro-irrigation technologies को बढ़ावा दिया जाता है, लेकिन PDMC 2022-23 से PM-RKVY का हिस्सा है। इसलिए 2026 में micro-irrigation assistance के लिए वर्तमान PM-RKVY/PDMC और राज्य के नियम देखना जरूरी है।
PMKSY में कितनी subsidy मिलती है?
PMKSY की सभी activities के लिए एक fixed subsidy percentage नहीं है। सहायता component, project और लागू guidelines के अनुसार अलग हो सकती है।
क्या छोटे और सीमांत किसान PMKSY का लाभ ले सकते हैं?
हां, योजना के विभिन्न components में किसानों और अन्य पात्र beneficiaries को लाभ मिल सकता है। लेकिन specific assistance के लिए संबंधित component की eligibility और राज्य के नियम देखना जरूरी है।
PMKSY के लिए online आवेदन कहां करें?
PMKSY के अलग-अलग components के लिए application process अलग हो सकती है। इसलिए अपने राज्य के Agriculture, Horticulture, Irrigation/Water Resources Department या संबंधित implementing agency के official portal/office से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लें।
PMKSY में कौन-कौन से मुख्य components हैं?
PMKSY के प्रमुख components/interventions में AIBP, Har Khet Ko Pani, Watershed Development और M-CADWM शामिल हैं। PDMC अब PMKSY का current component नहीं है; यह 2022-23 से PM-RKVY का हिस्सा है।
निष्कर्ष
Pradhan Mantri Krishi Sinchayee Yojana 2026 भारत में सिंचाई infrastructure और water management को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इसका उद्देश्य केवल खेत तक पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि irrigation potential बढ़ाना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और खेती को अधिक water-secure बनाना है।
2016-17 से PMKSY के विभिन्न interventions के माध्यम से 2.7 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ, 24.61 मिलियन हेक्टेयर में irrigation potential का निर्माण या पुनर्स्थापन और ₹64,407 करोड़ से अधिक की केंद्रीय सहायता की जानकारी सरकार ने दी है।
2026 में योजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि Per Drop More Crop (PDMC) अब PMKSY का हिस्सा नहीं है; 2022-23 से यह PM-RKVY के अंतर्गत है। वहीं irrigation modernization के लिए M-CADWM जैसे नए interventions पर जोर दिया जा रहा है।
अगर आप किसान हैं और सिंचाई, जल संरक्षण या micro-irrigation से जुड़ी सरकारी सहायता लेना चाहते हैं, तो आवेदन करने से पहले अपने राज्य के संबंधित कृषि/सिंचाई विभाग की नवीनतम guidelines जरूर जांचें। योजना की पात्रता, सहायता राशि और आवेदन प्रक्रिया activity तथा राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।







